उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 2 सितंबर 2026 को प्रदर्शन के दौरान 24 घंटे के भीतर शासनादेश (Government Order) जारी करने का दिया गया आश्वासन 40 दिन बीत जाने के बाद भी अधूरा है। इसी वादे के खिलाफ डॉक्टरों ने हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर फिर से मोर्चा खोल दिया है
- वेतन में भारी असमानता (‘वन बॉन्ड, वन पे’ की मांग): डॉक्टरों का आरोप है कि समान MBBS डिग्री, समान बॉन्ड शर्तों और समान सेवा दायित्वों के बावजूद उनके वेतन में भारी अंतर है। ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों के CHC/PHC में तैनात डॉक्टरों को केवल ₹50,000 से ₹55,000 प्रति माह मानदेय मिल रहा है। इसके विपरीत, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बॉन्ड सेवा दे रहे डॉक्टरों को करीब ₹1.10 लाख प्रति माह मिल रहा है
प्रदर्शनकारी डॉक्टर स्वास्थ्य विभाग के बॉन्डेड डॉक्टरों को भी मेडिकल कॉलेजों के समान लेवल-10 / ₹5400 ग्रेड पे देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA), यात्रा भत्ता (TA) और पुराना बकाया एरियर तुरंत जारी करने की मांग की गई है।
डिप्टी सीएम का वादा: 2 सितंबर को हजरतगंज में बारिश के बीच डॉक्टरों से मुलाकात करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आश्वासन दिया था कि स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग दोनों के डॉक्टरों को समान वेतन मिलेगा और 24 घंटे में आदेश जारी हो जाएगा, लेकिन शासन स्तर पर अभी भी फाइल लंबित है
प्रदर्शन तेज होने की चेतावनी: डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी ज्ञापन सौंपा है और मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और आंदोलन जारी रखने का एलान किया है

