मोहन गार्डन के सनसाइन अपार्टमेंट में कथित अवैध निर्माण, फोर्थ फ्लोर से फिफ्थ फ्लोर तक निर्माण कार्य पर उठे सवाल
पश्चिमी दिल्ली। मोहन गार्डन स्थित S ब्लॉक सनसाइन अपार्टमेंट, प्लॉट नंबर 124-125 में फोर्थ फ्लोर से फिफ्थ फ्लोर तक किए जा रहे कथित निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि भवन में स्वीकृत निर्माण मानकों के विपरीत अतिरिक्त निर्माण कार्य किया जा रहा है।
बिल्डिंग में पहले भी तीन बार आग लग चुकी है। एक बार पार्किंग में, दो बार मीटर में जिसकी सूचना पुलिस विभाग और फायर ब्रिगेड विभाग को दी गई थी

छत पर कथित अवैध कब्जे से आगजनी की स्थिति में सुरक्षा पर सवाल चौथी मंजिल के निवासियों द्वारा छत पर कथित रूप से अवैध कब्जा किए जाने और वहां ताले लगाए जाने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि छत पर कथित तौर पर अवैध निर्माण भी किया गया है, जिससे आपात स्थिति में छत तक पहुंच और निकासी का रास्ता प्रभावित हो सकता है।
बिल्डिंग में रहने वाले फोर्थ फ्लोर के लोगों ने सारे नियमों को ताक पर धरते हुए छतों पे अवैध कब्जा कर रखा है, ताले डाल रखे हैं एवं अवैध निर्माण कर रखा है। जिस कारण कभी अगर बिल्डिंग में आग लगती है तो इसमें रहने वाले नीचे के 21 परिवार जल भूनके राख हो जाएंगे, जिसका जिम्मेदार सिर्फ प्रशासन और दिल्ली सरकार होगी।
आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी को लेकर गंभीर सवाल
किसी बहुमंजिला इमारत में आग लगने की स्थिति में लोगों के लिए सुरक्षित निकासी का रास्ता बेहद महत्वपूर्ण होता है। आग लगने पर लोग अपनी जान बचाने के लिए आमतौर पर आग और धुएँ से दूर सुरक्षित रास्ते की ओर भागते हैं। यदि आग निचली मंजिलों पर हो, तो ऊपर की मंजिलों पर मौजूद लोग सुरक्षित मार्ग से बाहर निकलने का प्रयास कर सकते हैं। वहीं, यदि आग तीसरी या चौथी मंजिल जैसी ऊपरी मंजिलों पर लगी हो, तो नीचे की मंजिलों पर मौजूद लोग सीढ़ियों या निर्धारित निकासी मार्ग से होते हुए पार्किंग क्षेत्र के रास्ते भवन से बाहर निकलने का प्रयास कर सकते हैं।लेकिन इस बिल्डिंग में रहने वाले फोर्थ फ्लोर के लोगों ने सारे नियमों को ताक पर धरते हुए छतों पे अवैध कब्जा कर रखा है, ताले डाल रखे हैं एवं अवैध निर्माण कर रखा है। जिस कारण कभी अगर बिल्डिंग में आग लगती है तो इसमें रहने वाले नीचे के 21 परिवार जल भूनके राख हो जाएंगे, जिसका जिम्मेदार
सिर्फ प्रशासन और दिल्ली सरकार होगी

अगर इस खबर को गंभीर रूप से नहीं लिया गया और शासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो किसी अनहोनी की स्थिति में इस बार दिल्ली शर्मसार नहीं बल्कि बेशर्म कहलाएगी और उसका पूर्ण जिम्मेदार शासन प्रशासन और दिल्ली सरकार होगी।




