डीटीसी बस चालकों की हड़ताल ने आम जन के जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन के आह्वान पर हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 40 लाख यात्री डीटीसी बसों में यात्रा करते हैं, जो 5000 से अधिक बसों के दिल्ली की सड़कों पर न उतरने से दिनभर बेहाल दिखे।वहीं आटो-टैक्सी चालकों के मनमाने किराये ने भी उनकी परेशानी बढ़ा दी।

वेतन बढ़ोत्तरी, मेडिकल सुविधा, सालाना बोनस व ओवर टाइम का भुगतान समेत कई अन्य मांगों को लेकर डीटीसी व परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल प्राइवेट आपरेटर्स की बसों के चालकों ने मंगलवार से हड़ताल शुरू की है। बुधवार को उसका व्यापक असर देखने को मिला।
आंदोलनकारी चालकों के संगठन ने डीटीसी बसों के संचालन के 80 प्रतिशत तक प्रभावित होने का दावा किया है। अधिकतर बसें दिल्ली के सभी 83 डिपो में खड़ी रहीं। डिपो में चालकों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी भी की
कुछ जगहों पर सड़कों पर निकले बसों को आंदोलनकारी चालकों ने रोका और उनके चेहरे पर कालिख भी पोत दी। हड़ताल का असर पूरे दिन बस स्टैंड पर देखने को मिला, जहां यात्री घंटों बसों का इंतजार में खड़े दिखे।




