MCD ने 17 प्रॉपर्टीज सील की, 34 तोड़े… 3 दिन में क्या-क्या एक्शन हुआ

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद इस इलाके में अवैध बहुमंजिला निर्माण और पीजी की बढ़ती संख्या की समस्या सामने आई है. गूगल सैटेलाइट डेटा से पता चला है कि 2016 से 2023 के बीच इमारतों की ऊंचाई में 38% बढ़ोतरी हुई है. वहीं दिल्ली के छात्र पीजी की भारी कमी के चलते जोखिम भरे अवैध निर्माणों में रहने को मजबूर हैं.

MCD ने 17 प्रॉपर्टीज सील की, 34 तोड़े… 3 दिन में क्या-क्या एक्शन हुआ

10 सितंबर 2026

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में अवैध और खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है.दो दिन में 34 संपत्तियों पर बुलडोजर चला, जबकि 17 को सील कर दिया गया. इसके साथ ही अब करीब 1,243 PG इमारतों की जांच शुरू हो चुकी है. कहां-कहां हुई कार्रवाई और किन इमारतों पर मंडरा रहा है खतरा, जानिए MCD के पूरे एक्शन का हिसाब

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद इस इलाके में अवैध बहुमंजिला निर्माण और पीजी की बढ़ती संख्या की समस्या सामने आई है. गूगल सैटेलाइट डेटा से पता चला है कि 2016 से 2023 के बीच इमारतों की ऊंचाई में 38% बढ़ोतरी हुई है. वहीं दिल्ली के छात्र पीजी की भारी कमी के चलते जोखिम भरे अवैध निर्माणों में रहने को मजबूर हैं.

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का बुलडोजर एक्शन तेज हो गया है. दक्षिण दिल्ली में PG के तौर पर चल रही इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद अब राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई की दो दिनों में 12 जोन में MCD ने 34 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की और 17 संपत्तियों को सील किया है. अब तक क्या-क्या हुआ, समझिए 5 पॉइंटर्स में.

1. मंगलवार को 17 संपत्तियो कार्रवाई की शुरुआत में मंगलवार को MCD ने अलग-अलग इलाकों में 17 संपत्तियों को गिराया.इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन समेत कई तरह की गड़बड़ियों को लेकर की गई

2. बुधवार को नोटिस, फिर डिमोलिशबुधवार को कार्रवाई और आगे बढ़ी. इस दौरान MCD ने 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 4 डिमोलिशन ऑर्डर पास किए. यानी जिन सं.. यानी जिन संपत्तियों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ मौके की कार्रवाई के साथ ही आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो गई.

3. जामा मस्जिद से द्वारका तक कार्रवाईजामा मस्जिद के पास एक इमारत के ग्राउंड फ्लोर की दो छत की प्लेट और एक पार्टिशन वॉल तोड़ी गई. बाजार   सीताराम के सदक प्रेम नारायण में अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई. विकास नगर और द्वारका के सेक्टर 17 में जिन इमारतों को खतरनाक घोषित किय  गया था, उन्हें भी डिमोलिश किया गया. इसके साथ ही राणा प्रताप बाग में तीसरी मंजिल की चार RCC छत की प्लेट और पहली मंजिल की एक प्लेट हटाई गई. वहीं मॉडल टाउन के सरदार नगर तीन छत की प्लेटतोड़ी गईं और उनका लोहे का ढांचा काटा गया

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4. अब 1,243 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जिनमें PG चलाए जा रहे हैं. इन इमारतों में करीब 24 हजार लोग रह रहे ह फिलहाल इनका मकसद है डेटाबेस तैयार करना और यह पता लगाना है कि रहने के लिहाज से इमारतें कितनी सुरक्षित हैं.खास तौर पर पांच मंजिल से ज्यादा ऊंची RCC वाली. इमारतों और चार मंजिल से ज्यादा ऊंची ऐसी इमारतों की जांच हो रही है, जिनका भार ईंट की दीवारों पर है.

5. 10 सितंबर तक पूरा होगा सर्वे जांच के बाद PG इमारतों को चार श्रेणियों में रखा जाएगा.पहली सुरक्षित, दूसरी मामूली मरम्मत की जरूरत वाली, तीसरी बड़ी  मरम्मत की जरूरत वाली और चौथी खतरनाक इमारत. MCD ने अधिकारियों को 10 सितंबर तक सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है. यानी अब अवैध निर्माण पर कार्रवाई के साथ ही उन इमारतों की सुरक्षा की भी जांच हो रही है, जहां हजारों लोग अभी रह रहे हैं. सत्य निकेतन में 7 लोगों की जान जाने के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई अब दिल्ली के अलग-अलग इलाकों तक पहुंच चुकी है.

34 डिमोलिशन, 17 इमारतों की सीलिंग और 1,243 PG की जांच का आंकड़ा यही बता रहा है कि सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली MCD ने कमर कस ली है, ताकी भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके

 

 

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